
बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि रेलवे के ग्रुप डी के पदों के लिए मैटिक के साथ आरटीआई की अनिवार्यता को खत्म करने के मामले पर रेलवे सकारात्मक कार्रवाई करेगा। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इसका भरोसा दिया है।
उप मुख्यमंत्री ने आरटीआई की अनिवार्यता खत्म करने के मामले पर हंगामा कर रहे युवकों से शांति बनाए रखने की अपील की। कहा कि ग्रुप सी के सहायक लोको पायलट और तकनीकी पदों के लिए तो मैटिक के साथ आरटीआई की अनिवार्यता उचित है, मगर ग्रुप डी के पदों के लिए आरटीआई की अनिवार्यता नहीं होनी चाहिए। रेलवे ने ग्रुप डी के 62,907 व ग्रुप सी के तहत असिस्टेंट लोको पायलट व अन्य तकनीकी 26,500 पदों के लिए विज्ञापन निकाला है। ग्रुप डी के पदों के लिए मैटिक के साथ आरटीआई की योग्यता अनिवार्य की गई है और इस मसले पर युवकों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है।
तीन दिन पहले उप मुख्यमंत्री ने रेलमंत्री से उम्र सीमा बढ़ाने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया था, जिसके आलोक में रेलवे ने 18 से 31 वर्ष की उम्र सीमा को बढ़ा कर 18-33 वर्ष कर दिया। दो वर्ष उम्र सीमा बढ़ाने से लाखों छात्रों को फॉर्म भरने का मौका मिला है। इसके साथ ही छात्र अलग-अलग जोन की जगह केंद्रीयकृत तरीके से फॉर्म भर रहे हैं।
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